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26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में पंचायत चुनाव, आचार संहिता लागू



हिमाचल में पंचायत चुनावों का ऐलान कर दिया गया है।  प्रदेश में 26, 28 और 30 मई को पंचायत चुनाव कराए जाएंगे।  राज्य चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने कहा कि पंचायतीराज चुनावों में 50 लाख 79 हजार 048 वोटर मतदान करेंगे, जिनमें 25 लाख 67 हजार 770 पुरुष, 25 लाख 11 हजार 249 महिलाएं तथा 29 अन्य मतदाता शामिल है। ये मतदाता  31182 जनप्रतिनिधियों का भाग्य तय करेंगे।
प्रदेश में चुनाव के लिए 21 हजार 678 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। आयोग ने रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां वोटरों की संख्या अधिक है, वहां सहायक मतदान केंद्र बनाए जाएं। जरूरी हुई तो पुरुष व महिला मतदाताओं के लिए अलग अलग मतदान केंद्र बनाए जाएं। हालांकि यह एक ही भवन में होने चाहिए।  महिलाओं के लिए स्थापित मतदान केंद्र में महिला कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।

चुनाव आयुक्त ने कहा कि पंचायत प्रधान, उप प्रधान और वार्ड मेंबर की मतगणना वोटिंग वाले दिन होगी, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य (BDC) की मतगणना 31 मई को होगी। पंचायत प्रधान, उप प्रधान और वार्ड मेंबर की मतगणना मतदान वाले दिन पंचायत में ही होगी, जबकि पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद की मतगणना ब्लॉक स्तर पर होगी।

 
चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू
अनिल खाची ने कहा कि आचार संहिता का सभी को सख्ती से पालन किया जाएगा। इसको लेकर सभी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी को भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। चुनावों की घोषणा के साथ ही आज से ग्रामीण इलाकों में भी आचार संहिता लागू हो गई है। नगर निकायों के चुनावों के चलते शहरी क्षेत्रों में पहले से ही आचार संहिता लागू है। प्रदेश में चुनावी आचार संहिता लागू होने के बाद इसके बाद सरकार कोई भी नई घोषणा, नई भर्ती, नए टेंडर, तबादले, पदोन्नतियां, उद्घाटन-शिलान्यास आदि नहीं कर पाएगी।

 
अलग अलग पांच रगों के बैलेट पेपर होगी वोटिंग
पंचायत चुनाव पुरानी पद्धति के तहत बैलेट पेपर पर करवाए जाते हैं, जबकि शहरी निकायों के चुनाव ईवीएम मशीन से होंगे। प्रदेश में पंचायती राज चुनावों के तहत चुने जाने वाले अलग अलग पदों के लिए अलग अलग रंग बैलेट का इस्तेमाल किए जाएंगे। पंचायत मेंबर के लिए सफेद रंग का बैलेट पेपर,  उप प्रधान के लिए पीला, प्रधान के लिए हल्का हरा,  बीडीसी के लिए गुलाबी और जिला परिषद सदस्य के लिए हल्का नीला बैलेट पेपर इस्तेमाल होगा। इस तरह हर मतदाता पांच वोट देगा।  इन पंचायतीराज चुनाव में 50 हजार से ज्यादा कर्मी ड्यूटी देंगे।


जिला परिषद सदस्य के लिए खर्च की सीमा 1 लाख, अन्यों के लिए कोई सीमा नहीं
जिला परिषद का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार एक लाख रुपए खर्च कर सकेंगे। चुनावी खर्च का ब्यौरा चुनाव होने के एक माह के भीतर खर्च का चुनाव आयोग को देना होगा। हालांकि बीडीसी, पंचायत प्रधान, उप प्रधान और वार्ड मेंबर के लिए खर्च की कोई सीमा नहीं है।

 

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