शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अगुवाई में हिमाचल का शैक्षणिक दल कश्मीर पहुंचा
हिमाचल प्रदेश का एक उच्चस्तरीय शैक्षणिक दल आज मंत्री रोहित ठाकुर के नेतृत्व में पांच दिवसीय अध्ययन दौरे पर जम्मू-कश्मीर पहुंचा है। इस दौरे का मकसद जम्मू-कश्मीर के पीएम श्री विद्यालयों की कार्यप्रणाली, शैक्षणिक नवाचारों, आधुनिक अधोसंरचना तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अपनाई जा रही बेस्ट प्रैक्टिसेज का अध्ययन करना है, ताकि इन अनुभवों का उपयोग हिमाचल की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने में किया जा सके। इस दल में समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा, स्कूली शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, अतिरिक्त सचिव (शिक्षा) अनिल चौहान, पीएम श्री की राज्य नोडल अधिकारी अंजना भारद्वाज, सीडब्ल्यूएसएन समन्वयक प्रतिभा बाली सहित समग्र शिक्षा एवं शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी शामिल हैं।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के नेतृत्व में हिमाचल के दल ने आज श्रीनगर स्थित पीएम श्री गवर्नमेंट बॉयज़ हायर सेकेंडरी स्कूल, बरज़ुल्ला-रावलपोरा का दौरा किया। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के साथ संवाद कर वहां की शैक्षणिक गतिविधियों, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों तथा उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके सीखने के अनुभवों, शैक्षणिक उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं पर भी चर्चा की।
इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि पीएम श्री विद्यालयों की स्थापना के बाद विद्यार्थियों के नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इन विद्यालयों को आधुनिक और आदर्श शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और भविष्य उन्मुख शिक्षा प्रदान की जा रही है। इन विद्यालयों में अत्याधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए अटल टिंकरिंग लैब्स भी स्थापित की गई हैं, जहां बच्चे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से प्रयोगात्मक अधिगम का अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। यही नहीं जम्मू-कश्मीर में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए शिक्षकों के क्षमता निर्माण पर विशेष बल दिया जा रहा है। शिक्षकों को आईआईटी कानपुर जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
हिमाचल के पीएम श्री विद्यालय बन रहे हैं उत्कृष्टता के केंद्र
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने जम्मू-कश्मीर के पीएम श्री विद्यालयों में उपलब्ध उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाओं, आधुनिक अधोसंरचना तथा नवाचार आधारित शिक्षण व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 199 विद्यालयों का चयन पीएम श्री स्कूलों के रूप में किया गया है, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के अनुरूप विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन विद्यालयों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी तथा कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। प्रदेश के पीएम श्री विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ विज्ञान प्रयोगशालाएं, डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट कक्षाएं, खेल मैदान तथा अन्य आधुनिक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इसके साथ ही योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इसी दिशा में निरंतर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में हिमाचल प्रदेश ने 21वें स्थान से छलांग लगाकर देश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। इसी प्रकार परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) में भी प्रदेश ने छठा स्थान हासिल किया है। असर (ASER) रिपोर्ट में भी प्रदेश के विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सकारात्मक बदलावों का प्रमाण है।
जम्मू-कश्मीर में पीएम श्री विद्यालयों के दौरे के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि कहा कि इस तरह के दौरे से संबंधित राज्यों को अपने शैक्षणिक अनुभवों और सफल पहलों को साझा करने का मौका मिलता है। इससे शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षण वातावरण सुनिश्चित करने में भी सहायता मिलती है।समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पीएम श्री विद्यालयों की बेस्ट प्रैक्टिस का अध्ययन कर हिमाचल की स्कूली शिक्षा को और अधिक प्रभावी, नवाचारपूर्ण तथा विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
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