राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश के VSK 6A Framework की सराहना
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राजस्थान के जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में राजेश शर्मा को विशेष रूप से मिला था आमंत्रण
राजस्थान के जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश के VSK 6A Framework को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग, भारत सरकार द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश के VSK 6A Framework को शिक्षा शासन के क्षेत्र में एक प्रभावी और नवाचारी मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया। हिमाचल प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारों तथा उल्लेखनीय कार्यों के चलते समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा को इस राष्ट्रीय सम्मेलन में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।
समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश के निदेशक राजेश शर्मा ने सम्मेलन के प्लेनरी सत्र “स्कूल शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए डिजिटल हस्तक्षेप” (Digital Interventions to Enhance Access and Quality of School Education) में हिमाचल की ओर से विशेष प्रस्तुति दी। राजेश शर्मा ने हिमाचल प्रदेश के विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) की विकास यात्रा तथा उसमें अपनाए गए 6A Framework की विस्तृत जानकारी दी। इस फ्रेमवर्क में उपस्थिति (Attendance), मूल्यांकन (Assessments), अनुकूलित शिक्षण (Adaptive Learning), प्रशासन (Administration), प्रत्यायन (Accreditation) तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) जैसे प्रमुख घटकों को एकीकृत किया गया है।
सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश के प्रयासों को विशेष रूप से इस बात के लिए सराहा गया कि राज्य ने VSK को केवल एक डैशबोर्ड (Dashboard) या निगरानी मंच (Monitoring Platform) तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे शिक्षा प्रशासन को अधिक प्रभावी, त्वरित और परिणामोन्मुख बनाने वाले एक मजबूत प्रशासनिक आधार के रूप में विकसित किया है। 6A Framework के माध्यम से समग्र शिक्षा हिमाचल का लक्ष्य केवल डेटा संग्रह करना नहीं, बल्कि उसे समयबद्ध निर्णयों, लक्षित हस्तक्षेपों (Targeted Interventions) और बेहतर अधिगम परिणामों (Learning Outcomes) से जोड़ना है।
सत्र के दौरान स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों (Dropout), शिक्षा की गुणवत्ता, समान अवसर तथा प्रत्येक बच्चे तक सीखने के अवसर पहुँचाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने व्यक्तिगत अनुकूलित अधिगम (Personalised Adaptive Learning - PAL) के माध्यम से सीखने के स्तर में सुधार तथा इसके ऑफलाइन विस्तार के रूप में विकसित लर्निंग इन्हांसमेंट प्रोग्राम (Learning Enhancement Programme - LEP) की भी प्रस्तुति दी, जो विद्यार्थियों तक व्यक्तिगत शिक्षण सहयोग पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। LEP को एक ऐसे प्रभावी माध्यम के रूप में रेखांकित किया गया जो डिजिटल प्लेटफॉर्म से आगे बढ़कर व्यक्तिगत शिक्षण सहयोग को कक्षा-कक्षों तथा कम इंटरनेट सुविधा वाले क्षेत्रों तक पहुँचाने में मदद कर रहा है। यह पहल विद्यार्थियों की सीखने संबंधी कमियों की पहचान, लक्षित शैक्षणिक सहयोग, शिक्षक-समर्थित अधिगम तथा अधिक समावेशी शैक्षणिक सहायता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सम्मेलन में यह भी रेखांकित किया गया कि तकनीक और जमीनी स्तर के शैक्षणिक हस्तक्षेपों को एक साथ जोड़कर शिक्षा प्रशासन तथा कक्षा-कक्ष शिक्षण दोनों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। हिमाचल प्रदेश का मॉडल इसी दृष्टिकोण का एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है। समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश के VSK मॉडल को मिली यह राष्ट्रीय पहचान राज्य की उस प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जिसके तहत तकनीक का उपयोग बेहतर शिक्षा, बेहतर अधिगम परिणाम और समावेशी शैक्षिक विकास के लिए किया जा रहा है। हिमाचल का VSK मॉडल दर्शाता है कि डेटा आधारित निर्णय शिक्षा व्यवस्था में प्रभावी बदलाव ला सकते हैं।
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