एचपी FUTURES: स्कूलों में पर्यावरण शिक्षा होगी और प्रभावी, शिक्षकों को मिला विशेष प्रशिक्षण
समग्र शिक्षा के तहत चल रही एचपी फ्यूचर्स परियोजना (Foundation for Upskilling, Teacher Excellence, Understanding, Readiness, Equity and Sustainability) के अंतर्गत प्रदेश के स्कूलों में पर्यावरण शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इसी उद्देश्य से शिक्षकों के लिए दो दिवसीय 'ग्रीनिंग एजुकेशन' कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर जिलों के स्कूलों के 57 इको क्लब समन्वयकों ने भाग लिया।
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में शिक्षकों को 'इको क्लब फॉर मिशन लाइफ गतिविधि कैलेंडर (2026–27)' तथा परियोजना के अंतर्गत विकसित 'ग्रीनिंग एजुकेशन टूलकिट' से अवगत कराया गया। इससे शिक्षक विद्यालयों में पर्यावरण शिक्षा को अधिक रोचक, व्यावहारिक और गतिविधि-आधारित बनाते हुए विद्यार्थियों में प्रकृति संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित कर सकेंगे। कार्यशाला में शिक्षकों को PLANTS (Purpose, Learning Outcomes, Action Steps, Notice Learning, Tie to Subjects and Sustainable Behaviour) रूपरेखा के आधार पर तैयार की गई गतिविधियों से परिचित कराया गया। इस दौरान शिक्षकों ने प्रत्येक गतिविधि को पहले एक विद्यार्थी की भूमिका में स्वयं अनुभव किया और फिर प्रशिक्षक बनकर अपने साथियों के सामने उसकी प्रस्तुति दी। इस व्यावहारिक प्रशिक्षण से उन्हें इन गतिविधियों को अपने विद्यालयों और कक्षाओं में प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।
कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने 'इकोगेम इनोवेटर चैलेंज' (EcoGame Innovator Challenge) में भाग लेते हुए PLANTS रूपरेखा के आधार पर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नए खेल और शिक्षण गतिविधियां तैयार कीं। इनमें से चयनित बेहतरीन नवाचारों को 'एचपी फ्यूचर्स टीचर चेंजमेकर' पुस्तक में शामिल किया जाएगा तथा उन्हें विद्यालयों में लागू करने की दिशा में भी आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने चार्ट पेपर गतिविधि के माध्यम से टूलकिट की विभिन्न गतिविधियों को प्रदेश के ग्रीन स्कूल क्वालिटी स्टैंडर्ड (Green School Quality Standard -GSQS) के कार्य बिंदुओं से जोड़ने का अभ्यास किया। साथ ही, उन्हें इको क्लब की गतिविधियों का सभी विद्यालयों में एक समान और व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने के लिए साझा इको क्लब रजिस्टर प्रारूप से भी परिचित कराया गया।
कार्यशाला में समग्र शिक्षा की राज्य समन्वयक नंदिनी कंवर, डीआईईटी सोलन की समन्वयक प्रियंका तथा डीआईईटी शिमला के समन्वयक भूपेश शर्मा ने विशेष तौर पर भाग लिया। इस दौरान विद्यालयों में इको क्लबों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा राज्य में पर्यावरण शिक्षा को सशक्त करने के उपायों पर चर्चा की गई।
उल्लेखनीय है कि समग्र शिक्षा के तहत यूनेस्को की एचपी फ्यूचर्स परियोजना के तहत कॉम्पिटेंसी-बेसड एजुकेशन, खेलों के माध्यम से मूल्य आधारित शिक्षा के साथ-साथ ग्रीनिंग एजुकेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रीनिंग एजुकेशन का उद्देश्य पर्यावरण शिक्षा को अधिक व्यवस्थित, उद्देश्यपूर्ण और परिणामोन्मुख बनाना है।
Leave A Comment