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मुख्यमंत्री ने ‘मोबाइल रिसोर्स सेंटर – थेरेपी ऑन व्हील्स’ का किया फ्लैग-ऑफ



विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए थेरेपी, विशेष शिक्षा, पुनर्वास एवं अन्य विशेषज्ञ सेवाओं को उनके समीप उपलब्ध करवाने की दिशा में समग्र शिक्षा ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत ‘मोबाइल रिसोर्स सेंटर – थेरेपी ऑन व्हील्स’ प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की उपस्थिति में समग्र शिक्षा के तीन मोबाइल रिसोर्स सेंटर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर समग्र शिक्षा के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजेश शर्मा सहित समग्र शिक्षा के अधिकारी एवं कोर्डिनेटर तथा सांफिया फाउंडेशन की फाउंडर एवं निदेशक डॉ. श्रुति भारद्वाज विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

 

 

एक ही मोबाइल मंच पर मिलेंगी विभिन्न विशेषज्ञ सेवाएं

‘थेरेपी ऑन व्हील्स’ के माध्यम से विद्यार्थियों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप फिजियोथेरेपी, व्यावसायिक चिकित्सा, वाणी एवं भाषा चिकित्सा, विशेष शिक्षा, स्क्रीनिंग एवं आवश्यकता-आधारित आकलन, बहु-विषयक थेरेपी एवं पुनर्वास, परामर्श एवं अभिभावक मार्गदर्शन जैसी सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके अलावा, बच्चों को रोजमर्रा के कामों में अधिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए जरूरी प्रशिक्षण दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें आगे की विशेषज्ञ सेवाओं के लिए भी भेजा जाएगा। पहल के अंतर्गत शिक्षकों एवं विशेष शिक्षकों का ओरियंटेशन एवं प्रशिक्षण, अभिभावकों की काउंसलिंग तथा दिव्यांगता एवं उपलब्ध सहायता सेवाओं के संबंध में जागरूकता गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

 

पहचान से फॉलो-अप तक मिलेगा समग्र सहयोग
थेरेपी ऑन व्हील्स’ के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को उनकी जरूरत के अनुसार निरंतर सहयोग उपलब्ध करवाया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक भागीदारी, शारीरिक एवं कार्यात्मक क्षमताओं, संचार कौशल, आत्मनिर्भरता तथा सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। अभिभावकों एवं शिक्षकों को भी आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को विद्यालय और घर दोनों स्तरों पर निरंतर सहयोग मिल सके।

 

मंडी, शिमला और कांगड़ा से शुरू होगी सेवा
प्रारंभिक चरण में तीनों मोबाइल रिसोर्स सेंटर मंडी, शिमला और कांगड़ा जिलों में संचालित किए जाएंगे। इनके माध्यम से विशेष रूप से ग्रामीण, दूरदराज एवं भौगोलिक रूप से कठिन क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों तक सेवाएं पहुंचाने पर ध्यान दिया जाएगा। मोबाइल रिसोर्स सेंटर समग्र शिक्षा की समावेशी शिक्षा सेवाओं को बच्चों एवं उनके समुदायों के और अधिक निकट ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की आवश्यक विशेषज्ञ सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी तथा अभिभावकों को भी स्थानीय स्तर पर आवश्यक मार्गदर्शन मिल सकेगा।
‘मोबाइल रिसोर्स सेंटर – थेरेपी ऑन व्हील्स’ परियोजना प्रारंभिक रूप से एक वर्ष के लिए संचालित की जाएगी। परियोजना के दौरान प्राप्त अनुभव, परिणाम एवं आवश्यकताओं के आधार पर भविष्य में इन सेवाओं को प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक विस्तारित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।

समग्र शिक्षा के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजेश शर्मा ने कहा कि  ‘थेरेपी ऑन व्हील्स’ का मुख्य उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को उनके निकट ही आवश्यक विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि यह पहल समावेशी शिक्षा को अधिक सुलभ और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के साथ-साथ विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के बेहतर विकास और सहभागिता को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।




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