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पुराने GDOs की ग्रामीण सेवा का हो उचित मूल्यांकन: HMOA


 
 
हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन (HMOA) ने प्रदेश सरकार द्वारा 28 अक्टूबर 2026 को जारी PG/SS Policy Amendment Notification पर पुनर्विचार करने की मांग की है। एसोसिएशन ने कहा कि PG प्रवेश प्रक्रिया में नए Job Trainee Medical Officers को अवसर प्रदान करने के साथ पुराने जनरल ड्यूटी ऑफिसर्स (GDOs) की वर्षों की सेवा, पात्रता और उनके वैध हितों का भी उचित ध्यान रखा जाना चाहिए।
HMOA के अनुसार, प्रदेश में अनेक पुराने GDOs ने नियुक्ति के बाद शुरुआती तीन वर्ष यानी लगभग 1,095 दिन अनिवार्य ग्रामीण एवं फील्ड सेवा में बिताए हैं। इस अवधि में उन्होंने सीमित संसाधनों के बीच मरीजों का उपचार किया, आपातकालीन सेवाएं प्रदान कीं तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में योगदान दिया। कोविड-19 महामारी के दौरान भी अनेक चिकित्सकों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
एसोसिएशन का कहना है कि PG प्रवेश के लिए Rural Incentive Marks की गणना में यदि इन शुरुआती तीन वर्षों की पात्र सेवा को शामिल नहीं किया जाता, तो संबंधित चिकित्सकों को उनकी वास्तविक सेवा के अनुरूप लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए पुराने GDOs की सेवा अवधि का मूल्यांकन लागू नियमों और वास्तविक सेवा रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना चाहिए।
 
शहरी क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले चिकित्सकों के मामलों की भी समीक्षा की मांग
HMOA ने कहा कि ऐसे चिकित्सकों के मामलों पर भी विचार किया जाना चाहिए, जिन्होंने तीन वर्ष या उससे अधिक समय तक शहरी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं दी हैं और जिन्हें ग्रामीण इंसेंटिव का लाभ नहीं मिलता। एसोसिएशन के अनुसार, PG प्रवेश नीति में पोस्टिंग की प्रकृति, पात्रता संबंधी शर्तों और लागू नियमों को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित मामलों का निष्पक्ष मूल्यांकन आवश्यक है।

 
नई अधिसूचना के साथ पुराने चिकित्सकों के हितों पर भी ध्यान देने का आग्रह
28 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना में Clause 4(B) में संशोधन करते हुए Job Trainee Medical Officers को निर्धारित शर्तों के अधीन 66.6 प्रतिशत In-Service Quota के अंतर्गत PG (MD/MS) तथा PG (MDS) पाठ्यक्रमों के लिए विचार किए जाने का प्रावधान किया गया है। अधिसूचना में PG पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद शेष Job Trainee सेवा और बांड संबंधी शर्तों का भी उल्लेख है।
एसोसिएशन ने कहा कि नई व्यवस्था लागू करते समय पहले से स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे चिकित्सकों की पात्रता, Rural Incentive Marks और मेरिट पर पड़ने वाले प्रभाव की भी समीक्षा होनी चाहिए। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नीतिगत बदलाव के कारण पुराने चिकित्सकों को उनकी पूर्व सेवा के बावजूद अनुचित नुकसान न उठाना पड़े।
 

सरकार से आवश्यक संशोधन और स्पष्टता की मांग
HMOA ने प्रदेश सरकार से PG/SS Policy, Annexure-B, Annexure-C तथा अन्य संबंधित प्रावधानों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन या स्पष्टीकरण जारी करने का आग्रह किया है। एसोसिएशन ने यह भी मांग की कि नियमों और निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत संभव हो तो PG काउंसलिंग से पहले इस विषय पर स्पष्ट निर्णय लिया जाए।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि उसकी मांग नए और पुराने चिकित्सकों के बीच किसी प्रकार का विवाद खड़ा करने की नहीं है। नए चिकित्सकों को उच्च चिकित्सा शिक्षा के अवसर मिलने चाहिए, वहीं पुराने GDOs की वर्षों की सेवा और अनुभव का भी उचित मूल्यांकन होना चाहिए।
HMOA ने आशा व्यक्त की कि प्रदेश सरकार सभी पात्र चिकित्सकों के हितों और राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएगी तथा न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
 
 



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