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बिजली बोर्ड के तीन पूर्व अधिकारियों और निजी कंपनी के दो निदेशकों पर एफआईआर




हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के तीन पूर्व अधिकारियों और एक निजी कंपनी के दो निदेशकों के खिलाफ विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज की है। यह मामला कंपनी के करोड़ों रुपये के लंबित बिजली बिल से संबंधित है। एफआईआर बिजली बोर्ड के चेयरमैन संजय गुप्ता की शिकायत पर दर्ज की गई है।  

जानकारी के अनुसार, यह मामला कई साल पहले का है।  बद्दी स्थित एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पहले से बिजली बोर्ड का बिल अदा नहीं कर रही थी। कंपनी का बकाया बढ़ने पर बोर्ड के तत्कालीन अधिकारियों ने पूरा भुगतान एकमुश्त वसूलने के बजाय किस्तों में करने का निर्णय लिया और कंपनी का मीटर दोबारा चालू कर दिया। इसके बाद कंपनी ने किस्तों के लिए चेक देने शुरू किए, लेकिन बाद में वे चेक भी बाउंस हो गए। अंततः कंपनी डिफॉल्टर हो गई और बोर्ड अधिकारी बकाया राशि वसूलने में विफल रहे। बताया जा रहा है कि कंपनी का करीब 11.84 करोड़ रुपये का बिल पेंडिंग है।

बिजली बोर्ड के चेयरमैन संजय गुप्ता की ओर से दर्ज शिकायत के आधार पर तत्कालीन तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है, जिनमें बोर्ड के दो चीफ इंजीनियर स्तर और एक एसई स्तर का अधिकारी शामिल है। इसके अलावा, कंपनी के दो निदेशकों और बिजली बोर्ड के अन्य अज्ञात अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी मामला दर्ज किया गया है। विजिलेंस ने साफ किया है कि जांच के दौरान जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आएगी, उन्हें भी इसमें नामजद किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि बिजली बोर्ड प्रबंधन ने इस मामले की जांच को लेकर बीते मार्च माह में गृह विभाग को पत्र लिखा था। प्राथमिक जांच के बाद विजिलेंस ने अब इस मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद बोर्ड के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।



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