सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर हिमाचल में रन फॉर यूनिटी का आयोजन
भारत का लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश द्वारा सभी 17 संगठनात्मक जिलों में रन फॉर यूनिटी के कार्यक्रम आयोजित किए गए और सभी स्थानों पर प्रमुख नेताओं ने रन फॉर यूनिटी की दौड़ें हुई , जिसमें विभिन्न प्रमुख नेताओँ ने भाग लिया।
शिमला में भाजपा द्वारा सीटीओ से चौड़ा मैदान तक रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया, इस 2 किलोमीटर को दौड़ में बड़ी संख्या में जनता ने भाग किया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन विशेष रूप में उपस्थित रहें। उनके साथ प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल, सचिव संजय ठाकुर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश चंदेल, सुरेश भारद्वाज विशेष रूप में उपस्थित रहें। इस विशेष दौड़ को हरी झंडी यात्रा के प्रदेश नेताओं ने रवाना किया।
इस मौके पर संजय टंडन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को मान सम्मान दिया , जबकि वहीं कांग्रेस ने उनको देश का प्रधानमंत्री बनने ने रोका। यह लोकतंत्र की पहली हत्या थी, उसे समय से आज तक कांग्रेस पार्टी ने हमेशा लोकतंत्र का अपमान किया है।
टंडन ने कहा कि सरदार पटेल को भुलाने में कांग्रेस ने कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि सरदार जैसे महान व्यक्तित्व को भी भारत रत्न मिलने में 41 साल की देरी हुई और यह देरी सिर्फ और सिर्फ विपक्ष के सरदार के प्रति एक उपेक्षा के भाव के कारण हुई। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल जैसे महान व्यक्तित्व के लिए पूरे देश में न कोई समाधि बनी और न कोई स्मारक बना। उन्होंने कहा कि जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने तब उन्होंने स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की रचना की और सरदार पटेल की स्मृति में एक भव्य स्मारक बनाया।
नाहन में डॉ. बिंदल की अध्यक्षता में हुई रन फॉर यूनिटी दौड़
वहीं सिरमौर जिला के नाहन में भी रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया। भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिन्दल के नेतृत्व में हुई इस दौड़ में चौधरी सुखराम, सुरेश कश्यप, सांसद लोकसभा, रीना कश्यप, विधायक पच्छाद, बलदेव तोमर, पूर्व विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता, विनय गुप्ता, प्रदेश प्रवक्ता, बलदेव भण्डारी सहित कई नेता मौजूद रहे।
इस मौके पर डॉ. राजीव बिन्दल ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल वास्तव में देश के सरदार थे, सरपस्त थे। जहां देश की आजादी में उनका योगदान अविस्मरणीय है वहीं आजादी के बाद देश की अखण्डता में उनका योगदान सर्वोपरि है। जिस प्रकार देश की सैकड़ों रियासतों को भारतीय गणतंत्र में शामिल करने का काम सरदार साहब ने किया, वह सर्वोच्च योगदान है इसलिए देश आज उनके जन्म दिवस पर देश की अखंडता के लिए उनको याद करती है।
Leave A Comment