हिमाचल में स्थापित होंगे कॉमर्स और अन्य विशेष कॉलेजः सीएम सुक्खू
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज उच्च शिक्षा में सुधारों पर आयोजित एक दिवसीय प्रधानाचार्य सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों के बजट में कोई कटौती नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का विकास अत्यंत आवश्यक है, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें। इस दिशा में शिक्षा और शिक्षकों की भूमिका अहम है। उन्होंने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में सुधारों के लिए सरकार कई नई पहलें कर रही है।
मुख्यमंत्री ने विज्ञान, वाणिज्य और ललित कला जैसे विशेष महाविद्यालय स्थापित करने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि हमीरपुर में लगभग 50 बीघा भूमि पर विज्ञान महाविद्यालय स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए सरकार 20 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। इसके अतिरिक्त राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में वाणिज्य और अन्य विषयों के विशेष कॉलेज स्थापित करने की योजना भी तैयार की जा रही है।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा प्रणाली में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सहायक प्राध्यापकों के 400 तथा जूनियर सहायक प्राध्यापकों के 400 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कॉलेजों में न्यू एज पाठ्यक्रम और अतिरिक्त भाषा कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश भी दिए, जिससे विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता में वृद्धि हो सके। महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों की तर्ज पर कॉलेज रैंकिंग प्रणाली भी लागू की गई है।
सीबीएसई स्कूलों में जल्द होंगी शिक्षकों की नियुक्तियां
सीबीएसई स्कूलों में दो माह शिक्षकों की नियुक्ति पूरी कर दी जाएगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग का पुनर्गठन करते हुए स्कूल शिक्षा निदेशालय और उच्च शिक्षा निदेशालय की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षक अत्यंत सक्षम हैं और नई व्यवस्थाएँ उन्हें बेहतर प्रदर्शन का अवसर प्रदान करेंगी।
उन्होंने बताया कि राज्य में सीबीएसई पाठ्यक्रम पर आधारित विद्यालय शुरू होने के बाद इनमें विद्यार्थियों के दाखिलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आने वाले दो महीनों के भीतर इन विद्यालयों में आवश्यकतानुसार शिक्षकों की नियुक्ति पूरी कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करना भी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकारी प्रयासों से मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक एमआरआई मशीनें स्थापित की गई हैं और स्वास्थ्य संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने राज्य को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिया है और 1600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी नहीं दी गई। इसके बावजूद राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा के अपने संकल्प पर कायम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओपीएस कोई राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि कर्मचारियों को वृद्धावस्था में सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
कॉलेज इंटरनल रैंकिंग जारी, हमीरपुर कॉलेज अव्वल
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालयों की इंटरनल रैंकिंग भी जारी की। समग्र रैंकिंग में राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर पहले स्थान पर रहा, जबकि राजकीय महाविद्यालय संजौली दूसरे और राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला तीसरे स्थान पर रहा।
टियर-1 श्रेणी में राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर प्रथम, संजौली कॉलेज द्वितीय और राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला तृतीय स्थान पर रहा। टियर-2 में राजकीय महाविद्यालय भोरंज पहले, राजकीय महाविद्यालय सरस्वती नगर (शिमला) दूसरे और राजकीय महाविद्यालय सुन्नी तीसरे स्थान पर रहा। टियर-3 में राजकीय महाविद्यालय कफोटा पहले, राजकीय महाविद्यालय दाड़लाघाट दूसरे और राजकीय महाविद्यालय चैलकोट तीसरे स्थान पर रहा।
मुख्यमंत्री ने शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले सभी महाविद्यालयों को सम्मानित किया और प्रत्येक संस्थान को एक-एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश संस्कृत अकादमी का विक्रमी संवत कैलेंडर भी जारी किया तथा बिलासपुर, धर्मशाला और चौड़ा मैदान स्थित राजकीय महाविद्यालयों की डिजिटल पहलों का वर्चुअल शुभारम्भ किया।
कार्यक्रम में Rohit Thakur, शिक्षा सचिव राकेश कंवर, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा, राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. सर्बजोत सिंह बहल, Himachal Pradesh University के कुलपति प्रो. महावीर सिंह सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
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