सुक्खू सरकार का हिमाचली अफसरों पर भरोसा, छह HPS बने जिला कप्तान
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने बुधवार को पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने जिस तरह से पुलिस अधीक्षकों के अहम पदों पर हिमाचली अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी है, उससे एक स्पष्ट संदेश गया है कि मुख्यमंत्री हिमाचली अधिकारियों की योग्यता, निष्ठा और प्रशासनिक दक्षता पर पूरा भरोसा रखते हैं।
बुधवार को जारी आदेशों में सरकार ने जहां 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं, वहीं 4 आईपीएस अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार और 61 हिमाचल पुलिस सर्विस (HPS) अधिकारियों को नए पदों पर नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि सरकार ने सात पुलिस जिलों — कुल्लू, किन्नौर, नूरपूर, कांगड़ा, बद्दी, हमीरपुर और चंबा — में नए पुलिस अधीक्षक तैनात किए हैं। इनमें से छह जिलों की कमान हिमाचल के एचपीएस अधिकारियों को दी गई है। लंबे समय बाद किसी सरकार ने प्रदेश के अपने अधिकारियों को इतना महत्व दिया है।
हिमाचली अधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारियां
सुक्खू सरकार ने एचपीएस रैंक के उन अधिकारियों पर भरोसा जताया है जो अपने कार्य के प्रति समर्पित व दक्ष माने जाते हैं। ताजा आदेशों के अनुसार — सुशील कुमार को एसपी किन्नौर, मदन लाल को एसपी कुल्लू, विनोद कुमार को एसपी बद्दी, कुलभूषण वर्मा को एसपी नूरपूर, बलबीर सिंह को एसपी हमीरपुर और विजय कुमार को एसपी चंबा नियुक्त किया गया है।
इन नियुक्तियों से यह संदेश गया है कि सरकार प्रशासनिक निर्णयों में स्थानीय अनुभव, जमीनी समझ और योग्यता को वरीयता दे रही है। सुक्खू सरकार का यह कदम न केवल अफसरशाही में आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है, बल्कि यह दिखाता है कि सरकार काबिलियत के आधार पर जिम्मेदारियां बांटने में विश्वास रखती है।
हिमाचल के अफसर पहले भी संभाल रहे अहम मोर्चे
यह पहला अवसर नहीं है जब सुक्खू सरकार ने हिमाचली अधिकारियों को जिलों की कमान सौंपी है। राज्य की राजधानी शिमला में संजीव गांधी पहले से एसपी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। बिलासपुर में काबिल आईपीएस अधिकारी संदीप धवल और सिरमौर में निश्चिंत नेगी पहले से पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
इसी कड़ी में सरकार ने अब और अधिक जिम्मेदारियां हिमाचली अफसरों को सौंपने का निर्णय लिया है। साफ है कि मुख्यमंत्री सुक्खू प्रशासनिक पदों पर कुशलता को प्राथमिकता दे रहे हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी
प्रदेश सरकार ने हिमाचली वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया है। डीआईजी टीटीआर गुरदेव शर्मा को डीआईजी (लॉ एंड ऑर्डर) का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। डॉ. डी.के. चौधरी को डीआईजी (साइबर क्राइम) धर्मशाला, जबकि अनुपम शर्मा को डीआईजी (क्राइम), सीआईडी, शिमला नियुक्त किया गया है।
प्रो. धूमल के समय शुरू हुई परंपरा को सुक्खू सरकार ने दी नई ऊर्जा
हिमाचली अफसरों को पुलिस अधीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तैनात करने की परंपरा पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में शुरू हुई थी। उसके बाद लंबे समय तक यह शिकायत रही कि प्रदेश के अफसरों को पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस परंपरा को नई ऊर्जा देते हुए हिमाचली अफसरों की क्षमताओं को न केवल पहचाना है, बल्कि उन्हें नेतृत्व करने का अवसर दिया है।
सरकार के इस कदम से राज्य के युवा अधिकारियों को भी प्रेरणा मिलेगी कि योग्यता, निष्ठा और कर्मठता के आधार पर सरकार भरोसा जताती है। उम्मीद है कि हिमाचली अफसरों को प्राथमिकता देने की यह नीति आने वाले समय में राज्य की प्रशासनिक संरचना को और मजबूत करेगी।
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