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वित्तीय अनियमितता, वन कटान करने वालों पर सता जाते ही कार्रवाईः जयराम ठाकुर

 


हिमाचल सरकार के भीतर विश्वास का संकटः जयराम ठाकुर

 

भाजपा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल कांग्रेस सरकार इस समय भारी अस्थिरता और भय के माहौल में काम कर रही है। प्रदेश में कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत होने के बावजूद सरकार के भीतर जिस प्रकार की उथल-पुथल और असमंजस की स्थिति बनी हुई है, उससे स्पष्ट है कि सरकार के भीतर ही विश्वास का संकट गहरा चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के अंदर इतनी अस्थिरता है कि खुद उसके नेता भी आशंकित हैं कि कब क्या स्थिति बन जाए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और राजनीतिक संरक्षण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र में हुए अवैध पेड़ कटान का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां केवल 25 पेड़ काटने की अनुमति दी गई थी, वहां 300 से अधिक पेड़ काट दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है और जांच को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।


120 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में भारी गड़बड़ी
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में एक अन्य परियोजना में भी भारी वित्तीय अनियमितताओं की बात सामने आई है, जहां लगभग 120 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में भारी गड़बड़ी के आरोप हैं। उन्होंने कहा कि समान क्षमता की परियोजना अन्य राज्यों में कम लागत में बन जाती है, लेकिन हिमाचल में अत्यधिक खर्च किया जा रहा है, जो गंभीर सवाल खड़े करता है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार पिछले तीन वर्षों से केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास भाजपा के पूर्व मंत्रियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत हैं तो कार्रवाई करे, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी केवल बयानबाजी करना राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।
 

राज्यसभा के लिए कांग्रेस पार्टी के भीतर संघर्ष और भ्रम की स्थिति रही
जयराम ठाकुर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने एक सैद्धांतिक निर्णय लेते हुए राज्यसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी नहीं उतारा, जिससे कांग्रेस पार्टी को स्वाभाविक रूप से बड़ा अवसर मिला। लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी के भीतर जिस प्रकार का संघर्ष और भ्रम की स्थिति देखने को मिली, वह अपने आप में दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता दिल्ली जाकर अपना पक्ष रख रहे थे और कई नेताओं को मुख्यमंत्री द्वारा लगातार यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि उनके नाम पर विचार किया जा रहा है। लेकिन अंततः स्थिति एक दम बदल गई।
जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्यसभा के लिए जिस व्यक्ति को कांग्रेस ने साधारण कार्यकर्ता बताकर टिकट दिया, उसके शपथपत्र में लगभग 230 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति सामने आई है और वर्तमान सरकार में उनके पास कई करोड़ रुपये के ठेके भी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ही कई नेता यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि यही साधारण कार्यकर्ता की परिभाषा है तो वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे अन्य कार्यकर्ताओं को भी ऐसा अवसर क्यों नहीं मिला।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश में सरकार मंत्रिमंडल से नहीं बल्कि “मित्र मंडल” से चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि फैसले मंत्रिमंडल की बैठकों में नहीं बल्कि एक सीमित मित्र मंडल के बीच लिए जा रहे हैं, जहां यह तय होता है कि किसे लाभ देना है और किसे किनारे करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नीतियां और संसाधन इसी मित्र मंडल की प्राथमिकताओं के आधार पर संचालित हो रहे हैं।


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