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गांधी परिवार में जन्म लेने को प्रधानमंत्री बनने का अधिकार समझते हैं राहुल गांधी: अनुराग ठाकुर



 
पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग ठाकुर ने आज संसद में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला  पर विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ सदन में बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में विपक्ष ने जिस तरह संवैधानिक संस्थाओं, परंपराओं व पदों पर आक्षेप लगाया, उसे धूमिल व दुष्प्रचारित करने का कृत्य किया है वो अशोभनीय व निंदनीय है और लोकसभा स्पीकर की छवि बेदाग है व कांग्रेस एजेंडे के अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई है।
अनुराग ठाकुर ने कहा “ देश गवाह है कि कैसे विपक्ष ने राहुल गांधी के नेतृत्व में जानबूझकर आसन को व लोकसभा स्पीकर ओम बिरला  को टारगेट किया, अपमानित किया, उनके ऊपर झूठे आरोप लगाये, उनके विरुद्ध दुष्प्रचार किया। यहाँ तक की पिछले महीने इन्होंने हुजूम बनाकर लोकसभा अध्यक्ष को उनके ऑफिस में अपमानित किया था, लेकिन इसके बाद भी ओम बिरला ने हमेशा ही शालीनता और संसदीय गरिमा का परिचय दिया। यह प्रस्ताव अध्यक्ष के खिलाफ नहीं है, यह अनुशासन के खिलाफ है, यह प्रक्रिया के खिलाफ है, यह समानता के खिलाफ है, यह किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, यह इस विचार के खिलाफ है कि संसद को कार्य करना चाहिए। देश को यह तय करना होगा कि कौन संसद के साथ खड़ा है और कौन व्यवधान के साथ खड़ा है। राहुल गांधी का एजेंडा देखिए, ये बार-बार गोलपोस्ट बदलते रहते हैं। कभी कहते हैं चौकीदार चोर है, कभी कहते हैं कि इलेक्शन कमीशन में खोट है। कभी राफेल का मुद्दा उठाते हैं। कभी पेगासस का मुद्दा उठाते हैं। कभी स्पीकर पर आरोप लगाते हैं। अब, जब कल अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी, तो उन्होंने पूरे सदन को चलने नहीं दिया। विदेश नीति की बात आएगी, तो कहेंगे कि हमें इलेक्शन कमीशन पर आना है। मूल बात यह है कि इन्हें चर्चा से भागना है”
 

 
राहुल गांधी बन चुके नेता प्रतिपक्ष से भारत विरोधी टूल-किट गैंग के सरगना
अनुराग ठाकुर ने कहा “राहुल गांधी को एक के बाद देश की संवैधानिक संस्थाओं, पदों पर हमला कर सुर्ख़ियों में बने रहने की लत लग चुकी है। राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष से भारत विरोधी टूल-किट गैंग के सरगना बन चुके हैं। इनके हर प्रयास, इनके हर काम भारत के लोकतंत्र को कमजोर करने की, भारत की जनता को गुमराह करने की, सनसनी फैला कर हेडलाइन मैनेजमेंट तक सीमित हो गई है। राहुल गांधी जी भारत की संसद रूल बुक से चलेगी, सोरोस की टूलकिट से नहीं। कुछ लोग जब सदन के अंदर आते हैं तो सिविक सेंस, कॉन्स्टिट्यूशनल सेंस और कॉमन सेंस बाहर छोड़ कर आते हैं। माफ़ीमैन राहुल गांधी जी ने पहले RSS & Gandhi Assassination Case में माफ़ी माँगी, देश भर के चौकीदारों के अपमान पर माफ़ी माँगी, आपने मोदी surname पर माफ़ी माँगी, राफेल पर माफ़ी माँगी और चर्चा पूरी हो जाने पर अविश्वास प्रस्ताव गिर जाने पर स्पीकर और चेयर से भी माफ़ी माँग कर बड़ा दिल दिखाएंगे श्रीमान माफ़ीमैन राहुल गांधी जी। संवैधानिक संस्था राहुल गांधी के हिसाब से काम ना करें तो compromised है, कांग्रेस और गांधी परिवार में कभी लोकतंत्र की मूल भावना को समझा ही नहीं। राहुल गांधी समझते हैं कि नियम उनके लिए नहीं, उनसे ही नियम है” 
अनुराग ठाकुर ने कहा “ राहुल गांधी झूठ फैलाते हैं कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता खतरे में है। इन्होंने राम को काल्पनिक बताया, राम सेतु को नकारा। हिंदू हिंसक होते हैं, नफ़रत फैलाते हैं ये तक बोला। हिंदू आतंकवाद का नैरेटिव आपने गढ़ा और देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का है ये कह के तुष्टिकरण को आपने बढ़ावा दिया। सिख पगड़ी नहीं पहन सकते झूठ आपने बोला, एक सिख मंत्री को गद्दार राहुल गांधी ने बोला। राहुल गांधी सिखों की बात करते हुए शायद ये भूल गये कि इस देश में सबसे ज्यादा सिखों को प्रताड़ित, सिखों की हत्या, सिखों के साथ लूटपाट, बलात्कार और उनके गुरुद्वारों को 1984 में नष्ट किया गया था... और तब राहुल गांधी के पिताजी स्वर्गीय राजीव गांधी इस देश के प्रधानमंत्री थे। जहां-जहां सिख विरोधी दंगे हुए वहां-वहां कांग्रेस के नेताओं पर ये आरोप लगे कि वो दंगाईयों की भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे और स्थानीय पुलिस, प्रशासन और सरकार का उन्हें भरपूर सहयोग मिल रहा था”


 

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