शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने ‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ अभियान किया लॉन्च, मोबाइल लाइब्रेरी वैन को दिखाई हरी झंडी
समग्र शिक्षा ने सरकारी प्राथमिक स्कूलों के बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने और पढ़ने को आनंददायक गतिविधि बनाने के उद्देश्य से ‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ (My words, My Story) रीडिंग कैंपेन शुरू किया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिमला में राज्य सचिवालय से मोबाइल लाइब्रेरी वैन को हरी झंडी दिखाकर इस कंपेन का विधिवत शुभारंभ किया। यह वैन विभिन्न स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। इस अभियान के तहत सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों में 8 सितंबर तक विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश यह अभियान Room to Read India Trust के सहयोग से संचालित कर रहा है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के साथ इस अवसर पर, समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा, स्कूली शिक्षा निदेशक आशीष कोहली सहित समग्र शिक्षा के समन्वयक मौजूद रहे।
शिक्षा मंत्री ने समग्र शिक्षा की स्टाफ बस को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो कर्मचारियों के कार्यालय आवागमन की सुविधा के लिए उपयोग की जाएगी।
यह अभियान राष्ट्रीय पठन अभियान के उद्देश्यों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों में केवल किताब पढ़ने की आदत विकसित करना ही नहीं, बल्कि पढ़ी गई सामग्री पर सोचने, अपने विचार व्यक्त करने, रचनात्मकता विकसित करने और कहानियों से जुड़ने की क्षमता को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से सरकारी स्कूलों में जीवंत पुस्तकालयों की अवधारणा को भी मजबूत किया जाएगा। अभियान के लिए जिला, ब्लॉक और स्कूल स्तर पर तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान के तहत स्कूल प्रमुख, शिक्षक और पुस्तकालय प्रभारी बच्चों के लिए आयु-उपयुक्त पुस्तकें, पत्रिकाएं, कहानी की किताबें और स्टोरी कार्ड प्रदर्शित करेंगे। प्रत्येक बच्चे को पुस्तकालय से छह से आठ कहानी की पुस्तकें पढ़ने के लिए उपलब्ध करवाने और पढ़ने के बाद अपने विचार सुबह की सभा में साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बच्चों की पुस्तकों की आवाजाही का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। अभियान का मूल संदेश है कि बच्चों के विचार, सवाल और अनुभव महत्वपूर्ण हैं। पढ़ना केवल शब्दों को सही ढंग से बोलना नहीं, बल्कि पढ़ी गई सामग्री को समझना और अपनी भाषा में उसके बारे में सोचने व व्यक्त करने की प्रक्रिया भी है।
‘माई लाइफ, माई लाइब्रेरी कार्ड’ गतिविधि के तहत प्रत्येक बच्चे के लिए व्यक्तिगत रीडिंग पासपोर्ट तैयार किया जाएगा। इसमें बच्चे द्वारा पढ़ी गई पुस्तकों, पसंदीदा पात्रों, नए शब्दों, भावनाओं और पढ़ने के अनुभवों का उल्लेख किया जाएगा। इससे बच्चों को नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग करने और अपनी पढ़ने की यात्रा को साथियों के साथ साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
अभियान के दौरान प्रतिदिन 10 मिनट का विशेष पठन समय भी निर्धारित
अभियान के दौरान प्रतिदिन 10 मिनट का विशेष पठन समय भी निर्धारित किया जाएगा। ‘ड्रॉप एवरीथिंग एंड रीड’ यानी DEAR गतिविधि के तहत निर्धारित समय पर सभी नियमित गतिविधियां रोककर 10 मिनट तक पढ़ने का अभ्यास किया जाएगा। इससे बच्चों में निरंतर पढ़ने की आदत, पठन प्रवाह और आनंददायक पठन संस्कृति विकसित करने पर जोर रहेगा। इसके साथ ही बच्चे पुस्तक पढ़ने के बाद उसके पात्रों, घटनाओं या विचारों से प्रेरित होकर अधिकतम 100 शब्दों की अपनी छोटी कहानी भी लिखेंगे। चयनित कहानियों को कक्षा या पुस्तकालय में प्रदर्शित किया जाएगा।
बच्चों के लिए कक्षाओं में ‘रीडिंग रिफ्लेक्शन कॉर्नर’ भी बनाए जाएंगे, जहां वे पुस्तक पढ़ने के बाद अपने पसंदीदा हिस्से, नई सीख, भावनाएं और सवाल साझा कर सकेंगे। इसके अलावा ‘रीड अलाउड’ सत्रों में शिक्षक, डीआईईटी के शिक्षक, डी.एल.एड. विद्यार्थी और अन्य प्रतिभागी बच्चों को कहानी, कविता या लेख पढ़कर सुनाएंगे तथा उनसे सवाल पूछकर उनके विचार और प्रतिक्रियाएं जानेंगे। बच्चों को घर पर पढ़ने के लिए डिजिटल स्टोरीबुक उपलब्ध करवाने हेतु व्हाट्सऐप समूहों के माध्यम से Literacy Cloud की बहुभाषी पुस्तकों के QR कोड भी साझा किए जाएंगे।
अभियान का प्रमुख आकर्षण 8 सितंबर को सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित होने वाला राष्ट्रव्यापी Read-a-thon होगा। इस दौरान बच्चे, शिक्षक, अभिभावक, समुदाय के सदस्य तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी एक साथ पढ़ेंगे। इसके बाद बच्चे अपने पढ़ने के अनुभव और विचार साझा करेंगे तथा संक्षिप्त लेखन या रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेंगे। इसी दिन अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर डीआईईटी स्तर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम और स्कूलों में विशेष आयोजन किए जाएंगे। बेहतर पठन प्रदर्शन करने वाले बच्चों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
Leave A Comment