15 हजार पद भरने को कैबिनेट की मंजूरी, कबड्डी की स्वर्ण पदक विजेता बेटियों को मिलेंगे ₹1-1 करोड़
दूध उत्पादकों को बड़ी राहत, प्रोत्साहन राशि 3 से बढ़ाकर ₹6 प्रति लीटर की
हिमाचल सरकार ने प्रदेश के विभिन्न विभागों में करीब 15 हजार पदों को भरने की मंजूरी दी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शिमला में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। कबड्डी में देश के लिए गोल्ड मेडल लाने वाली चार बेटियों को सरकार एक-एक करोड़ रुपए देगी। हरियाणा में विवाह करने वाली रितू नेगी को भी यह इनाम दिया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 4,300 पद (1,242 पंप ऑपरेटर, 175 फिल्टर, 1,845 बेलदार, 340 चौकीदार, 87 कुक और 43 पैरा हेल्पर), CBSE स्कूलों में 3,900 पद, 900 पद नॉन टीचिंग स्टाफ, वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड के 500 पद और रेंज ऑफिसर के 10 पद भरने की मंजूरी दी है।
इसके अलावा कांगड़ा के बनखंडी में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय स्तर के चिड़ियाघर के लिए विभिन्न श्रेणियों के 57 पद, कॉलेजों में 320 असिस्टेंट प्रोफेसर, तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत ITI में 200 टीचर, PWD में 172 मल्टी टास्क वर्कर, असिस्टेंट इंजीनियर के 10 पद, दिव्यांग श्रेणी के बैकलॉग के 38 पद (5 असिस्टेंट इंजीनियर, 5 जूनियर इंजीनियर, 15 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट, 2 ड्राफ्ट्समैन और 11 मल्टी टास्क वर्कर) को मंजूरी दी गई।
प्रदेश सरकार ने दुग्ध उत्पादकों को और सहकारी समितियों के हित्त में बड़ा फैसला भी लिया है।
मंत्रिमंडल ने दूध उत्पादकों और सहकारी समितियों को राहत देते हुए मिल्क इंसेंटिव स्कीम के तहत प्रोत्साहन राशि 3 रुपए से बढ़ाकर 6 रुपए प्रति लीटर करने का फैसला लिया है। सरकार के अनुसार, इससे सहकारी दुग्ध समितियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और योजना का बेहतर क्रियान्वयन हो सकेगा।
सरकार ने NDPS के विशेष कोर्ट खोलने का लिया फैसला
प्रदेश में चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों की बढ़ती तस्करी के चलते मंत्रिमंडल ने मंडी और कांगड़ा में NDPS मामलों की सुनवाई के लिए दो समर्पित अदालतें खोलने का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य नशे से जुड़े मामलों का तेजी से निपटारा करना और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में तेजी लाना है।
कांगड़ा जिला के आपदा प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज मिलेगा
प्रदेश सरकार ने कांगड़ा जिले के मोहल, सुपेड़ा, पटवार और संबंधित प्रभावित क्षेत्रों में 21 जुलाई 2026 को हुई बाढ़ और भूस्खलन की घटना से प्रभावित परिवारों के लिए विशेष सहायता को मंजूरी दी है। प्रभावित लोगों को किराए के मकान के लिए 5,000 रुपए और राशन उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया गया है।
पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 7.5 लाख रुपए और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए एक लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। गाय और भैंस जैसे पशुओं के नुकसान पर 55 हजार रुपए प्रति पशु तथा घरेलू सामान नष्ट होने पर एक लाख रुपए की सहायता का प्रावधान बताया गया।
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